Yashwant singh

काली लड़की




सन 2010 ,  आयत आज बहुत खुश थी.

अपने शहर, घर को छोड़े 3 साल हो गये. अब कहीं जाके कॉर्पोरेट ब्रांड ऑफिस में एंट्री हुई हैं.

इधर उधर छोटी मोटी दुकानों में काम करते काफी समय निकल गया.

ऑफिस देखते ही आयत बड़ी खुश हुई, 100 के ऊपर का स्टाफ , लग्जरी ऑफिस ,ऊपर से बॉस भी लेडीज.

उसे सब अच्छा  अच्छा लग रहा था.

रवि, अमित, सदानंद तीनो दोस्त आयत को देख के

सदानंद - देखिए ना , रवि जी, नया माल कौन आया हैं

अमित - ब्लैक ब्यूटी हैं ये तो

रवि -  बस रंग ही काला हैं, हाइट देखो, कमर देखो, जीन्स कितनी सूइट हो रही हैं, चेस्ट देखो कितनी भारी हैं.

सदानंद - बड़ी कमाल बातें करते हो आप तो  सर जी

सब एक साथ  ठहाके लगाते हैं

अमित - अपनी ऐज की लगती हैं, लपक लो आप तो

रवि -  हां होगी 25,26 की और क्या

सदानंद - आप तो वैसे भी अकेले रहते हो और आपके रूम पर आने जाने में भी लैंडलॉर्ड की कोई प्रॉब्लम नही हैं.

रवि - हां ट्राय तो करना ही पड़ेगा, अपन भी घर से बाहर हैं, यहां कोशिश नही करेंगे तो कहा करेंगे.

सदानंद 5 फूट 3 इंच का सीधा सा लड़का हैं, हरिद्वार का रहने वाला हैं.

आयत उसकी बोली और सादगी से जल्द ही इम्प्रेस हो गयी और उससे दोस्ती हो गई.

सदानंद की वजह से आयत की रवि और अमित से भी दोस्ती हो गयी.

अमित और रवि ऑफिस के सबसे खूबसूरत लड़के थे, उनकी पर्सनलिटी मॉडल सी थी.

रवि - अमित भाई ये तो आप को ज्यादा लाइक करती हैं

सदानंद - हां अमित सर आपको बड़ा घूरती हैं

अमित - नही यार ,अपन के बस की नही ये सब. इस बार एक लड़की देखी गांव में , उस से प्यार हो गया, अब सगाई हो गयी सो दूरी भली

वैसे भी ये काली हैं, इसका शिकार आप ही कर सकते रवि जी.

वैसे भी सुना होगा ना 100 गायो की रक्षा जितना पुण्य मिलता हैं, अगर एक मुस्लिम लड़की से.........

रवि - अरे ये सब तो बकवास बातें हैं

सदानंद - हां बकवास बातें है पर इन्होंने हमारे लिए भी ऐसी कई धारणाएं बना रखी हैं.

रवि - अपन लोग कोई रेपिस्ट ,बलात्कारी थोड़ी हैं, मानेगी तो ठीक हैं, नही तो  कोई नही, बस थोड़ी प्लानिंग करनी पड़ेगी.

अमित - थोड़ी नही पूरी कर लेना, कल निकाह न पढ़ना पड़ जाये.

सब एक साथ  ठहाके लगाते हैं


अमित आयत से दूरी बना लेता हैं, बात भी कम करता हैं.

आयत जो कि घर से दूर एक दोस्त तलाश रही थी, अमित की दूरी की वजह से रवि के नजदीक आने लगी.

ऑफिस टाइम ओवर होने के बाद भी दोनों खूब देर बातें किया करते थे.

एक दिन आयत की गाड़ी खराब हो गयी तो उसने अमित को रूम तक ड्राप करने को बोला पर उसने रवि पे डाल दिया.

रवि की  बातें और खुश मिजाजी ने आयत को रवि के और करीब ला दिया.

तीनो ने मिलके आयत की स्कूटी भी ठीक करवाई.

आयत को एक फ्रेंड सर्कल सा मिल गया था, जिससे उसको कोई खतरा न लगता था और वो अपने दिल की बात शेयर भी कर सकती थी.

क्योंकि रवि ही ज्यादा बातें किया करता था तो वो ज्यादा करीब आने लगा.

एक दिन आयत ऑफिस से निकल रही थी, काफी देर हो चुकी थी ,ऑफिस में कोई न था.

कुर्सी पे बैठे रवि ने जाते हुवे आयत का हाथ पकड़  उसे अपनी और खेंचा

रवि - कहाँ जा रही हो , बेठो ना, मेरा थोड़ा काम हैं.

आयात उसके एक दम पास थी, उसके परफ्यूम की खुशबू ने रवि में आग भड़का दी.

आयत की चेस्ट उसके चेहरे के पास थी.

आयत हाथ छुड़ा के जाने लगी तो रवि ने फिर से उसे खेंचा, अब आयत एक दम पास थी, उसकी स्वास रवि को अपने चेहरे पर फील हुई.

आयत -  पागल हो गया क्या?

हँस के हाथ छुड़ा के भाग जाती हैं.

रात को रवि आयत को कॉल कर उसे बताता है उसने क्या फील किया, उसके परफ्यूम की खुशबू अभी भी उसके जहन से जा नही रही.

आयत को सुन के सब अच्छा लग रहा था. बातों बातों में 2 बज गए.

अगले दिन रवि कुछ काम मे उलझा होता हैं, सारा स्टाफ निकल जाता हैं.

आयत उससे बात करना चाह रही थी पर वो बिजी था, रात की 9 बज गए थे तो आयत ने निकलना ही ठीक समझा.

आयत पार्किंग में गाड़ी स्टार्ट ही कर रही थी कि रवि दौड़ता सा आया.

रवि - कहाँ जा रही हैं,  रुक ना

आयत - काफी लेट हो गए.

रवि - हेलमेट और स्कार्फ़ हटा ना

आयत के स्कार्फ़ हटाते ही रवि उसे किस्स करने लग जाता हैं

आयत डर के उसे दूर करती हैं

आयत - पागल कोई देख लेगा, गार्ड साहब देख लेंगे

रवि - इतने अंधेरे में किसी को नही दिखेगा

रवि दोबारा किस्स करता हैं ,वो भी रवि का साथ देती हैं

थोड़ी देर में दोनों निकल जाते हैं

आयत घर जाके रवि को कॉल करती हैं और आफिस में ये सब का मना करती हैं.

रवि - तो मेरा रूम पास ही हैं, वहां आ जाना

आयत - रूम का तो यार देख......पक्का नही कह सकती

रवि - क्यों मेरा किस्स करना बुरा लगा तुझे

आयत -  नही यार बुरा नही लगा पर

रवि - डर लगता हैं क्या मुझसे, कोई गुंडा थोड़ी हूँ.

प्रोफ़ेशनल कलीग हूँ यार आपका

आयत - ऐसी बात नही हैं यार, लेकिन ....

रवि -तू डर मत , मै अकेला रहता हूं  ,हमारा लैंडलॉर्ड कहीं और रहता हैं.

आयत- ठीक है देखती हूँ

रवि ने ये सारी बातें सदानंद और अमित को बताई.

अमित - रूम पे आ रही हैं तो आपका काम हो जाएगा, बस सेफ्टी रखना

सदानंद - नही तो कुछ महीनों बाद आफिस आएगी बच्चे को लेकर और बोलेगी - बेटा ये रहे तेरे अब्बा जान.

तीनो जोर से हँसते हैं.

अमित - आप तो बस अपडेट देते रहना.


रवि के भरोसे और ज्यादा प्रेशर करने पर, आयत रवि के रूम पर जाती हैं.

रवि रूम पर उसे कम्फर्टेबल करता हैं, काफी देर बात करने के बाद उसे किस्स करने लग जाता हैं.

आयत भी रवि में डूब जाती हैं.

काफी देर बाद जब रवि को लगता हैं, आयत उसके आगोश में हैं, वो आगे बढ़ने लगता हैं, उसके हाथ आयत के कपड़ो पर जाते हैं.

आयत-  रुको रवि, इसके आगे नही

रवि - क्यों तुम्हे अच्छा नही लग रहा, मुझे पसंद नही करती.

आयत - वो बात नही हैं रवि


3  साल पहले मेरा बॉयफ्रेंड, जिसके साथ मेरा सब कुछ था. हम दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे, पता नही मुझे क्यों छोड़ गया.

अभी वो अमेरिका में हैं, बात भी नही करता .

मुझे थोड़ा टाइम दो, हम एक दूसरे को थोड़ा और जान ले.


रवि अपने को कंट्रोल कर लेता हैं व आयत की बहुत सारी बाते सुनता हैं.

अगले दिन सब अपने दोस्तों को बता देता हैं.


अमित - मुझे पता था, फ्रेश पीस तो नही होगा

सदानंद - इनके वहां कहां फ्रेश पीस ......

रवि - अपन को क्या, जो मिले ठीक

अमित    -और क्या क्या बताया


रवि -  इसने एक बार अपने बाप का सिर फोड़ दिया था, डंडे से, वो दारू पिके इसकी माँ को मार रहा था.

सदानंद - अरे बाप रे, बड़ी खतरनाक हैं ये तो

अमित - एजुकेशन तो अच्छी हैं इसकी, इंग्लिश फाड़ है

रवि - हां, इंटेलीजेंट हैं वैसे

अमित - हां बस काली हैं बाकी सब ठीक हैं, में बता रहा हूँ आपको ,गोरी होती तो लौंडो की लाइन लगी होती इसके लिए

सदानंद - वो अमरीका वाला इसीलिए भागा होगा " कलुवा से कोंन शादी करे"

रवि - अब कह रही हैं , मूवी देखने चलते हैं

अमित - हा हा हा मत जाना लोग हसेंगे, ओर देख लेना आपसे रुपये ख़र्च करवाएगी

रवि जानबूझकर अब आयत से कम बात करता था, पूछने पर कहता था, तुम्हे मुझ पर भरोसा ही नही.

10-12 दिन निकल गए, एक दिन आयत  रवि को कॉल कर रूम पर आयी.

कुछ देर बात करने के बाद रवि आयत को चूमने लगा, आयत भी उसमे खो गयी.

आज रवि के हाथों को मनाही ना थी, कुछ ही देर में आयत बिना कपड़ों के थी.

फूल सा कोमल शरीर, बनावट जैसे कोई पेंटिंग.

रवि अपने अरमान पूरे कर रहा था, आयत उसे प्यार कर रही थी.

रवि इतना मदहोश था कि सेफ्टी न होते हुवे भी वो रुका नही.

रवि - अरे यार सेफ्टी तो यूज़ ही नही की, कुछ हो गया तो

आयत - डरो मत, कुछ नही होगा

आयत की शांत आवाज़ ने उसमे ओर डर पैदा कर दिया.

उसे अमित और सदानंद की बाते याद आने लगी.

उसने आयत को रुकने को बोला और कुछ मेडिसिन ले आया.

रवि आने के बाद- आयत ये मेडिसिन लेलो, फिर कुछ नही होगा

आयत मना करती हैं पर प्रेशर करने के बाद ले लेती हैं

जाते वक्त रवि ने उसको  थैंक यू बोला.

आयत - थैंक यू क्यों, सुन के अच्छा नही लगा.

रवि -ठीक है आगे से नही बोलूंगा


रवि सारी बातें दोस्तो को बताता हैं.

अमित - इसका मतलब ए वन पीस हैं.

अपने धर्म की होती और काली ना होती तो शादी का सोच सकते थे आप तो

रवि - हां , सही में

सदानंद - बिना सेफ्टी के कर लिया महाराज, एड्स वेड्स तो नही हैं उसको

रवि - नही ऐसी लड़की लगी नही मुझे


अब अक्शर रवि, आयत मिलते थे. रवि बस अपनी लालसाएं पूरी कर रहा था.

रवि दोस्तों से

रवि - कल मूवी देखने जाना पड़ा

अमित - क्यों

रवि - अब इतना सुख देती हैं तो कुछ तो इसकी भी माने.

थिएटर वाले घूर के देख रहे थे, शर्म आ रही थी.

सदानंद - महाराज ब्लैक न वाइट लग रहे होंगे

अमित - इसने पैसे दिए

रवि - पैसे तो यार मेरे भी इसने दिए, मैंने दिए ,तो भी नही लिये.

अमित - फिर तो ठीक ही हैं लड़की

रवि - हां

सदानंद - ठीक क्या हैं, पहले भी बॉयफ्रेंड था, उसके साथ रिलेशन थे, अब आपके साथ, और पता नही क्या क्या...

अमित - क्या चाहिए तेरे को

सदानंद - हमे भी ट्राय मारना हैं सर, मुझे लगता हैं इसके साथ काम बन जायेगा

रवि - पागल है क्या

अमित - नही रवि जी, अब इसका कुछ कराओ तो माने आपको

रवि - कराएंगे तो क्या, एक मौका दे सकता हूँ, ट्राय तो इसे ही करना पड़ेगा

सदानंद - अरे रहने दो यार, बात बढ़ गयी और घरवालो को पता चला तो पूरे हरिद्वार में साला बदनाम हो जाएंगे

रवि - अरे बलात्कार थोड़ी करना हैं, हम अच्छे घर के लड़के हैं यार, कोई रिस्क थोड़ी लेना हैं.

हाथ पकड़ना, कुछ ना बोले तो आगे बढ़ना, कुछ बोले तो पीछे हट जाना, सॉरी बोल देना, आगे से नही होगा, ऐसा वैसा

बस मेरा काम खराब नही होना चाहिए, बाकी में संभाल लूंगा

अमित - ये बात......

रवि कभी कभार  बियर पीता था,  एक दो घूंट पीना आयत को भी सीखा दिया था.

एक दिन आयत और रवि बियर पी रहे थे, बियर खत्म हो गयी.

रवि - यार एक बियर लेके आता हूँ.

आयत - ठीक हैं ले आओ, में इधर ही हूं

रवि - यार सदानंद भी आनेवाला था .उसको कुछ काम था

आयत - बड़ा सीधा लड़का हैं वो, मुझे देखेगा तो

रवि - वो मेरा जिगरी हैं, मेने आपके बारे में सब बता रखा हैं, देट आई लाइक यू.

आयत -  सच्ची , ये तो अच्छी बात हैं.

तभी सदानंद आता हैं

रवि - आ भाई, तेरा ही इंतज़ार था, में बस 2 मिनट में आया बियर लेके


रवि चला जाता हैं, आयत सदानंद को जानती ही थी, दोनों बातें करने लग गए.

15 मिनट बाद भी जब रवि नही आया तो आयत ने कॉल किया, रवि ने बताया ,ठेके पे पुलिस हैं, कुछ इशू हैं, थोड़ी देर ओर लगेगी.

सदानंद थोड़ा कम्फ़र्टेबल होने के बाद आयत का हाथ छूने लगता हैं.

आयत को कुछ गलत का अंदेशा होता है तो वो पीछे हट जाती हैं.

सदानंद आगे बढ़ उसे किस्स करने की कोशिश करता हैं, आयत धक्का देती हैं. सदानंद फिर से आगे बढ़ ,अपने हाथ से आयत की चेस्ट को छूता हैं.

आयत धक्का दे, कमरे से बाहर आ जाती हैं.

वो रवि को काफी कॉल करती हैं, बस कॉल यू लैटर का जवाब आता हैं

स्कूटी की चाबी ऊपर ही रह जाती हैं.

आयत कुछ देर रवि के इंतज़ार के बाद ,टैक्सी कर घर चली जाती हैं.

तीनो दोस्त मिलते हैं

रवि - गधे जब हाथ पकड़ा और उसको बुरा लगा तो पीछे हट जाता ना

सदानंद - मुझे लगा ,नाटक कर रही हैं, मान जाएगी.

कुछ हुआ भी नही और बदनाम हो गए.

अमित -  क्यों भाई कुछ सॉफ्ट सॉफ्ट तो फील हुआ होगा. हा हा हा

सदानंद - हां थोड़ा सा , हा हा हा

अमित -आफिस तक बात पहुंच जाएगी तो

रवि - वो में देख लूंगा, कल आफिस आएगी तो, तू सदानंद 3 दिन आफिस की छुट्टी मार ले

आयत और रवि काल पर 5 से 6 घंटे बात करते हैं, आयत रो रो कर सीनियर्स को शिकायत की बात कह रही थी, और रवि उसको कह रहा था कि बदनामी हो जाएगी.

काफी देर बाद आयत को साफ तस्वीर नजर आने लगती हैं कि जिसको वो अपना समझ रही हैं वो उसके साथ हैं ही नही.

अगले दिन रवि और अमित आयत का इंतज़ार कर रहे थे कि मामला कहाँ तक जाएगा.

आयत नही आई, आफिस के बाद घर जाके देखा तो आयत की स्कूटी भी नही थी.

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